मेरठ।  रैपिड रेल कारिडोर के अंतर्गत शताब्दीनगर स्टेशन के निर्माण ने गति पकड़ ली है। पिलर बनाने का काम यहां पहले से ही चल रहा है। अब कानकोर्स लेवल यानी सड़क से ऊपर वाली मंजिल पर बीम डालने का काम भी शुरू हो गया है।

यात्रियों को मिलेगी ये सुविधाएं

मालूम हो कि शताब्दी नगर स्टेशन एक बड़ा स्टेशन है। जहां पर चार ट्रैक होंगे और इस स्टेशन से रैपिड रेल और मेट्रो, दोनों की सुविधा यात्री उठा सकेंगे। यानि वे इस स्टेशन से दिल्ली और गाजियाबाद के साथ-साथ मेरठ के अंदर अन्य स्थानों की यात्रा कर सकेंगे। 215 मीटर लंबा और 35 मीटर चौड़ा शताब्दी नगर का यह स्टेशन एलिवेटेड है जिसे 33 पिलर्स की सहायता से बनाया जा रहा है। ये पिलर 11 पिलर की तीन पंक्तियों में बनाए जा रहे हैं।

सुरंग की भी तैयारियां पूरी

वहीं बेगमपुल भूमिगत स्टेशन के बाद एमईएस कालोनी स्टेशन तक भी सुरंग रहेगी। इस हिस्से में भी दो सुरंग बनाई जाएंगी। एक सुरंग की लंबाई करीब 760 मीटर होगी। इस हिस्से में सुरंग की खोदाई करने के लिए एमईएस कालोनी व गांधी बाग के बीच शाफ्ट का अधिकांश हिस्सा तैयार कर लिया गया है। इसी शाफ्ट से सुरंग खोदने वाली मशीन यानी सुदर्शन जमीन के अंदर उतारी जाएगी। जल्द ही इस शाफ्ट में भी मशीन की असेंबलिंग शुरू होगी। ये मशीन सुरंग बनाते हुए बेगमपुल स्टेशन के पास रिट्रिवल शाफ्ट से बाहर निकाली जाएंगी। एमईएस कालोनी के पास बनाए जा रहे नार्थ शाफ्ट में टनल बोरिंग मशीन लांचिंग शाफ्ट की बेस स्लैब कास्‍टिंग का कार्य आज पूरा कर लिया गया। लगभग 660 वर्ग मीटर के इस बेस स्लैब की कास्‍टिंग के लिए 125 मीट्रिक टन स्टील और 588 क्यूबिक मीटर कंक्रीट का प्रयोग किया गया है। इस लांचिंग शाफ्ट के बेस स्लैब की लंबाई लगभग 24 मीटर और चौड़ाई 26 मीटर है। इसके निर्माण के लिए 17 डी वाल पैनलों को 16 मीटर की गहराई में भूमिगत डाला गया है। एमईएस कालोनी मेट्रो स्टेशन के नजदीक इस लांचिंग शाफ्ट से ही आरआरटीएस कारिडोर भूमिगत से ऊपर एलिवेटेड आएगा और इसके लिए यहां पर एक रैम्प का निर्माण किया जाएगा। यह कारिडोर बेगमपुल भूमिगत स्टेशन की ओर से आ रहा है और आगे एमईएस कालोनी के एलिवेटेड स्टेशन की ओर आगे चला जाता है।

 

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By editor1

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