विवि में वेबिनार का समापन, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में चल रही दो दिवसीय वेबिनार का बुधवार को समापन हो गया। समापन सत्र के मुख्य वक्ता माखन लाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय जनसंचार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केजी सुरेश ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि नारद जी ग्राउंड रिपोर्टिंग किया करते थे। सत्य का नजरिया अलग हो सकता है इस देश में विमर्श की परंपरा रही है इसको समझने की आवश्यकता है । विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अजय मित्तल ने कहा कि टेलीपैथी को विकसित करने का श्रेय भारत को ही जाता है।। इसका वर्णन बाल्मीकि रामायण में मिलता है ऋषि मुनि टेलीपैथी का ही सहारा लेते थे और एक दूसरे से संवाद करते थे टेलीपैथी संचार का एक बड़ा माध्यम था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति प्रोफेसर वाई विमला ने कहा कि प्राचीन भारत में वह हमारे ग्रंथों में हमारे ऋषि मुनि पशु पक्षियों की भाषा भी समझते थे यह भी एक संचार की भाषा है संचार का मूल तत्व यह है कि एक हृदय से दूसरे हृदय तक पहुंचा जाए।। तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल के निदेशक प्रोफेसर प्रशांत कुमार ने सभी का स्वागत किया तथा लव कुमार जी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यक्रम का संचालन बीनम यादव ने किया। तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल में चल रहे दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबीनार के दूसरे दिन के पहले टेक्निकल सेशन में प्रोफेसर गोविंद सिंह डॉक्टर सुबोध अग्निहोत्री प्रोफेसर संजीव बनावत डॉक्टर नीलम कुमारी ने अपने विचार रखे. आशाराम खटीक भास्कर सिंह पृथ्वी सेंगर नवीन तिवारी शिवानंद पांडे ने रिसर्च पेपर पढ़े। दूसरे टेक्निकल सेशन में प्रोफेसर अनिल सौमित्र डॉक्टर तारा सिंह परिहार डॉक्टर दिलीप कुमार डॉक्टर रोहिल लाल तथा अमरीश पाठक ने अपने विचार रखे आशु विजेंद्र वर्मा डॉक्टर आनंद पायरिया संध्या शर्मा ऋतु गर्ग डॉ अर्चना त्रिवेदी ने रिसर्च पेपर पढे।

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By editor1

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