रूस और के यूक्रेन के बीच जारी युद्ध और उसके चलते पड़ने वाले असर से दुनिययाभर के शेयर बाजारों में बेचैनी है और भारतीय बाजार भी इससे अछूता नहीं है. शेयर बाजार में बिकवाली जारी है. सुबह से शेयर बाजार में वैसे ही भारी गिरावट देखी जा रही थी लेकिन दोपहर बार बाजार में गिरावट का दायरा बढ़ता जा रहा है. मुंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स करीब 2000 अंक नीचे जा लुढ़का. फिलहाल सेंसेक्स  52,555 पर ट्रेड कर रहा है है. निफ्टी में भी 500 अंकों की गिरावट देखी गई,  निफ्टी 15,762 अंकों पर ट्रेड कर रहा है. बाजार का मूड इसलिए भी खराब है क्योंकि एशियाई, यूरोपीय शेयर बाजार लाल निशान में ट्रेड कर रहे. अमेरिकी बाजारों के भी लाल निशान में खुलने का अंदेशा है.

बाजार में बड़ी गिरावट बैंकिंग सेक्टर, आईटी, ऑटो, फार्मा सेक्टर के शेयरों में देखी जा रही है. वहीं कमोडिटी, मेटल्स और एनर्जी सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखी जा रही है. रूस पर आर्थिक प्रतिबंधों के चलते कमोडिटी के दामों में उछाल है जिसका असर मेटल्स और दूसरे कमोडिटी स्टॉक पर दिख रहा है.

कच्चे तेल के बढ़ते दामों का असर
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट गिरावट की वजह कच्चे तेल के दामों में उबाल है. इसके चलते ना केवल कंपनियों की लागत बढ़ने वाली है. सरकार के खजाने पर भी असर पड़ेगा. वित्तीय घाटा बढ़ेगा, कच्चा तेल आयात करने के लिए सरकार को ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करना होगा. भारत के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं जो 130 ड़ॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है. महंगे कच्चे तेल के चलते विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल डीजल के दामों भारी बढ़ोतरी की जा सकती है जिसके चलते महंगाई बढ़ने के आसार हैं.

निवेशकों को नुकसान
वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल के बीच सोमवार को निवेशकों को 6,32,530 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटलाईजेशन ( Market Capitalization) सोमवार को 2,46,79,421.38 करोड़ रुपये से घटकर 2,40,46,891 लाख करोड़ रुपये पर आ चुका है.

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By editor1

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