आशीष मिश्रा की जमानत रद्द, लखीमपुर खीरी हिंसा मामले के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष की जमानत रद्द हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई करते हुए उसे एक हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। SC ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित पक्ष को नहीं सुना। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि FIR, पीड़ित परिवार के पक्ष और बाकी तमाम बिंदुओं पर विचार करते हुए आशीष मिश्रा की जमानत तत्काल रद्द की जाती है।

सुप्रीम कोर्ट की 5 बड़ी बातें

  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़ित पक्ष को नहीं सुना
  • आशीष मिश्रा को जमानत जल्दबाजी में दी गई
  • उनको जमानत देने पर वह केस को प्रभावित कर सकते हैं
  • आशीष मिश्रा एक हफ्ते में करे सरेंडर
  • आशीष मिश्रा चाहें तो फिर इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की फ्रेश याचिका
  • राकेश टिकैत ने सुप्रीम कोर्ट का दिया धन्यवाद

    राकेश टिकैत ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट तो अच्छा ही काम करता है। बशर्ते उसे काम करने दिया जाए। उन्होंने कहा, ‘हम धन्यवाद देते हैं सुप्रीम कोर्ट का जो उसने एक सही फैसला दिया। सरकार की तरफ से पैरवी होनी चाहिए। उसकी तरफ से ढिलाई रही। सरकार मंत्री के साथ खड़ी रही। सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया है।’ सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि नए तौर पर जमानत के लिए आशीष मिश्रा फिर से इलाहाबाद कोर्ट में फ्रेश याचिका दायर करें। उस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट फिर से विचार कर सकता है। तो, एक दरवाजा आशीष मिश्र के लिए अब भी खुला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह कहा है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत देने में जल्दी दिखाई और सभी पक्षों को नहीं सुना। आशीष 15 फरवरी को 129 दिनों बाद जेल से रिहा हुआ था। बता दें कि लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में 3 अक्टूबर को किसान-आंदोलन के दौरान ही बवाल हुआ था।  घटना में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की मौत हुई थी।

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By editor1

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