आखिर टूट ही गयी सदियों की बेड़ी

आखिर टूट ही गयी सदियों की बेड़ी, ऐसे ही उन्हें पालनहार नहीं कहा जाता, भक्त के मन में क्या है वो सब जानते हैं। वृंदावन में रहने वाली विधवाओं का जीवन भी कान्हा ने होली के रंग में रंग दिया। इसके साथ ही सदियों से जकड़ी बेड़ियां भी टूट गयीं। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में होली के इस अवसर पर हर कोई रंगों से सराबोर है। ऐसे में भला आश्रय सदनों में रहने वाली विधवा और निराश्रित महिलाएं भक्ति और कृष्ण प्रेम के इन रंगों से कैसे दूर रह सकती हैं। वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर में विधवाओं ने अपने आराध्य के सामने होली खेली और उनकी भक्ति के रंग में खुद को रंग लिया। इस दौरान मंदिर में आए भक्त खासे उत्साहित नजर आए। आखिर टूट ही गयी सदियों की बेड़ी, इन माताओं के साथ युवाओं ने सेल्फी ली, साथ ही उनका आशीष भी प्राप्त किया। बांकेबिहारी के धाम वृंदावन के आश्रय सदनों में रहने वाली विधवा और निराश्रित महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के साथ फूलों और गुलाल की होली खेली। इस दौरान सभी ने एक दूसरे पर खूब फूल बरसाए और गुलाल लगाया। सैकड़ों वर्ष से चली आ रही परंपरा को तोड़ विधवाओं ने होली खेलकर अपने बेरंग जीवन में रंग भरने का प्रयास किया। @Back To Home

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By editor1

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