आखिर दे ही दिया सीईओ ने डीईओ काे चार्ज

आखिर दे ही दिया सीईओ ने डीईओ काे चार्ज, लंबे व नाटकीय घटनाक्रम के बाद आखिरकार प्रमोशन पर जा रहे सीईओ नागेन्द्र नाथ ने डीईओ हरेन्द्र को चार्ज दे ही दिया। लेकिन यह सब जितना दिखाई देता था, उतना आसार रहा नहीं। प्रमोशन के आदेश आने के बाद भी उन्हें देरी से सार्वजनिक किया जाना। मेरठ कैंट में बतौर सीईओ बने रहने के लिए लंबी कवायद करना। इसके इतर चार्ज लेने के लिए उतावलापन। इस उतावलेपन के पीछे कैंट बोर्ड के बर्खास्त इंजीनियर की भूमिका की चर्चा। डीईओ कार्यालय में उनका जमे रहना इन तमाम बातों के निहितार्थ अब तलाशे जा रहे हैं। इस पूरे मामले को इतना ज्यादा गरमा दिया गया, मानों इसके अलावा कोई दूसरा ऐजेंडा ही नहीं था। सीईओ नागेन्द्र नाथ की सेवानिवृत्ति साल 2024 में बतायी जा रही है। इसके अलावा सीबीआई प्रकरण से अदालत ने उन्हें दोष मुक्त करा दे दिया। जिसके बाद उनका प्रमोशन दिया गया, लेकिन सेवा के अंतिम दिनों में एक नियम या परंपरा ऐसी भी है कि संबंधित अधिकारी से उनकी इच्छानुसार स्टेशन दिया जाता है। नागेन्द्र नाथ ही कुछ ऐसी ही मांग कर रहे सुना जाता है। लेकिन लगता है कि इन दिनों उनके पासे ठीक से नहीं पड़ रहे थे, तमाम चालें उलटी हो रही थीं, जिसके बाद चार्ज देने सरीखे हालात बनते चले गए। पूर्णकालिक सीईओ मेरठ कैंट के यहां आने तक डीईओ हरेन्द्र यहां का भी काम काज देखेंगे। नागेन्द्र नाथ से चार्ज दिलाने की जल्दबाजी के पीछे किस का दिमाग काम कर रहा था, इस इनसाइड स्टोरी की तह तक जाने की कोशिश कुछ लोग कर रहे हैं। दरअसल भाजपाइयों से तनातनी नागेन्द्र नाथ को भारी पड़ गयी मानी जाती रही है। लेकिन दूसरी ओर अभी यह भी रहस्य है कि जाते-जाते किस का भला कर गए और किस को नापने का रास्ता साफ कर गए। @Back To Home

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By editor1

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