आर्मी इंटेलिजेंस ने शुरू की जांच

आर्मी इंटेलिजेंस ने शुरू की जांच, डोर टू डोर ठेकेदार को भुगतान में की गयी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कैंट बोर्ड के सेनेट्री सेक्शन के इंस्पेक्टर योगेश यादव के पत्र में लगाए गए आरोपों के बाद आर्मी इंटेलिजेंस भी हरकत में आ गयी है। पता चला है कि मंगलवार को आर्मी इंटेलिजेंस की एक टीम कैंट बोर्ड पहुंची और कुछ जरूरी कागजात कब्जे में ले लिए गए बताए जाते हैं। हालांकि आर्मी इंटेलिजेंस की आमद को लेकर कैंट बोर्ड के आला अधिकारी कुछ भी पूछे जाने पर कन्नी काटते नजर आए। दरअसल इस मामले के सामने आने के बाद कैंट बोर्ड के एक मात्र जनता के प्रतिनिध सतीश शर्मा ने पूरे मामले को लेकर डिफेंस मिनिस्ट्री को कई पत्र भेजे हैं। सतीश शर्मा ने मंगलवार को जानकारी दी कि उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा डिफैंस सेक्रेटरी व जीओसी इन चीफ को भी पूरे मामले की जांच कराए जाने व आरोपों से संबंधित पत्रावली को आर्मी इंटेलिजेंस द्वारा कब्जे में लिए जाने का आग्रह किया था। हालांकि उन्होंने कैंट बोर्ड कार्यालय में आर्मी इंटेलिजेंस की टीम के पहुंचने को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की। इससे पहले उन्होंने अपने कैंप कार्यालय पर कैंट भाजपा संगठन के तमाम पदाधिकारियों की बैठक बुलायी। इस बैठक में निवर्तमान उपाध्यक्ष बीना वाधवा के प्रतिनिधि के रूप में भाजपा नेता सुनील वाधवा, पूर्व उपाध्यक्ष विपिन सोढी, अनंत जैन, नीरज राठौर, धर्मेन्द्र सोनकर, भाजपा छावनी मंडल के विशाल कन्नौजिया, रविन्द्र पास, सुरेन्द्र जैन, महामंत्री नितिन बालाजी, हरीश साहू व गौरव आदि भी शामिल थे। कैंट भाजपा के नेताओं का कहना है कि यदि नावेन्द्र नाथ सीईओ ने तत्काल अपना चार्ज नहीं छोड़ा तो उनके खिलाफ भाजपा के नेता बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

पहली पसंद हरेन्द्र चौधरी: कैंटवासियों की यदि बात की जाए तो डीईओ हरेन्द्र चौधरी बतौर सीईओ कैंट क्षेत्रवासियों की पहली पसंद बताए जा रहे हैं। कैंट के ज्यादातर भाजपा नेता, पूर्व सदस्य, तमाम सामाजिक संगठनों ने हरेन्द्र चौधरी को कैंट बोर्ड की जिम्मेदारी दिए जाने को अपनी पहली पसंद बताया है। हालांकि पता चला है कि सीईओ जबलपुर भी मेरठ आने के लिए हाथ पांव मार रहे हैं। @Back To Home

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By editor1

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