Asked Abu Salem on Advani's guarantee

आबू सलेम को आडवानी की गारंटी पर पूछा,  सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय गृह सचिव को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि क्या सरकार अबू सलेम की सजा पर तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी की ओर से दी गई गारंटी पर टिकी रहना चाहती है. आडवाणी ने पुर्तगाल सरकार को इस बात की गारंटी दी थी कि अबू सलेम की सज़ा 25 साल से ज्यादा की नहीं होगी. अब सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र सरकार का इस पर क्या रुख है.समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि जवाब देने के लिए ‘आखिरी मौका’ दिया जा रहा है.अदालत ने हलफनामा दायर करने में हुई देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा, ”ये ठीक नहीं है. अगर आपके गृह सचिव इतने व्यस्त हैं तो हम उन्हें यहां बुला सकते हैं.’ इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस संबंध में कुछ कम्यूनिकेशन गैप रहा होगा. हालांकि जवाब 18 अप्रैल को या उसके पहले दाखिल कर दिया जाएगा. अबू सलेम के वकीलों का कहना था 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के अभियुक्त गैंगस्टर को 25 साल से अधिक जेल नहीं हो सकती.भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक सलेम को इससे ज्यादा दिनों तक जेल में नहीं रखा जा सकता.सलेम को 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट का दोषी ठहराया गया था. सलेम पुर्तगाल भाग गया था, जहां से उसे वापस लाया गया था. उसे गुजरात से मुंबई तक हथियार पहुंचाने का दोषी ठहराया गया था. इस मामले में उसे उम्रकैद की सजा दी गई थी. 25 फरवरी 2015 को स्पेशल टाडा अदालत ने सलेम को मुंबई के बिल्डर प्रदीप जैन और उनके ड्राइवर मेंहदी हसन की हत्या के आरोप में सलेम को दोषी ठहराया था. इस मामले में भी सलेम को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी. प्रदीप जैन और उनके ड्राइवर की हत्या 1995 में की गई थी.ग्

‍@Back Home

Share

By editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published.