बागपत में योगेश धामा जीते

बागपत में योगेश धामा जीते, किसान आंदोलन की हमदर्दी  के बाद भी रालोद बागपत में कुछ नहीं कर पायी। यहां रालोद सपा गठबंधन के प्रत्याशी के तमाम दावे ताश के पत्तों की तरह ढह गए और भाजपा प्रत्याशी ने भगवा परचम फहराया।  विधानसभा सीट पर हिंदुत्व कार्ड के आगे रालोद-सपा गठबंधन हवा में उड़ गया। भाजपा के योगेश धामा ने अब रालोद-सपा गठबंधन के प्रत्याशी अहमद हमीद को…मतों से पराजित कर शानदार जीत दर्ज कराई। धामा भाजपा से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कराने में सफल रहे हैं।

बागपत विधानसभा सीट पर 351 बूथों पर 10 फरवरी को सर्वाधिक 68.30 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया है। इस सीट पर रालोद-सपा गठबंधन के अहमद हमीद और भाजपा प्रत्याशी विधायक योगेश धामा के बीच सीधा रोमांचक मुकाबला था। हालांकि किसान आंदोलन और रालोद सपा गठबंधन के चलते भाजपा के प्रत्याशी विधायक योगेश धामा की अबकी बार राह कठिन मानी जा रही थी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है, क्योंकि उन्होंने शानदार जीत दर्ज कराई है। योगेश धामा भाजपा के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीते हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी उनका मुकाबला अहमद हमीद से था।

तब अहमद हमीद बसपा से उम्मीदवार थे लेकिन अबकी बार वह रालोद सपा गठबंधन से धामा के सामने ताल ठोक रहे थे। इसमें कोई शक नहीं कि हमीद ने मजबूती से चुनाव लड़ा लेकिन वह जाट और यादव मतों में विभाजन रोकने में सफल नहीं रहे।

दरअसल धामा इस क्षेत्र में वर्ष 2005 से जिला पंचायत की राजनीति कर रहे हैं और यहां उनकी अच्छी पकड़ है जो अब विधानसभा चुनाव के परिणाम से साबित हो गया कि यहां के मतदाताओं पर उनकी पकड़ कमजोर होने के बजाय और मजबूत हुई। जिस तरह किसान आंदोलन और जाटों का रालोद-सपा गठबंधन के पक्ष में जाने की बात कही जाती रही उससे लग रहा था कि अबकी बार धामा की जीत की राह कतई आसान नहीं है। इसके बावजूद धामा ने विधानसभा चुनाव में हिंदुत्व को जिस तरह धार देकर मैदान में ताल ठोकी वह उनके जीत का बड़ा कारण बनी।

धामा न केवल भाजपा के परंपरागत वोट बटोरने में सफल रहे बल्कि उन्होंने अपने राजनीतिक कौशल से जाटों और यादवों की बड़ी संख्या में वोट पाई है। जाट और यादव ही नहीं बल्कि धामा को हर जाति और हर वर्ग से कहीं कम तो कहीं ज्यादा वोट मिली है। वहीं धामा की जीत से भाजपाइयों के जोश सातवें आसमान पर है और जश्न मना रहे हैं।

गौरतलब है कि योगेश धामा मूलरूप से गाजियाबाद के बहेटा हाजीपुर गांव के रहने वाले और स्नातक हैं। व्यवसाय कृषि एवं व्यापार करते हैं। श्यामलाल कालेज दिल्ली में छात्र संघ अध्यक्ष, बागप में तीन बार जिला पंचायत सदस्य, एक बार जिला पंचायत अध्यक्ष और 2017 में पहली बार भाजपा के टिकट पर बागपत से विधायक बने और अब 2022 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार विधायक बनने में सफल रहे हैं।@Back To Home

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By editor1

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