सीएम योगी से मिले सतीश मिश्रा , लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में इन दिनों राजनीतिक हलचल काफी तेज है। एक तरफ समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और चाचा शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बीच जुबानी जंग चल रही है। वहीं, दूसरी तरफ बहुजन समाज पार्टी (BSP) भी अंदरूनी राजनीति से घिरी हुई है। यूपी चुनाव 2022 (UP Election) का परिणाम आने के बाद से बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) पार्टी में बड़े बदलाव की तैयारी करती दिख रही हैं। प्रदेश में पार्टी के ऐतिहासिक रूप से खराब प्रदर्शन के बाद से कई पुराने नेताओं के पत्ते कटने की बात कही जा रही है। इन तमाम कयासबाजियों के बीच बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की सीएम योगी आदित्यनाथ (Satish Chandra Mishra Yogi Adityanath Meeting) से मुलाकात हुई है। उनके साथ यूपी चुनाव में पार्टी के एकमात्र जीते विधायक उमाशंकर सिंह (BSP MLA Umashankar Singh) भी मौजूद थे। इस मुलाकात का कारण मायावती सरकार में प्रदेश में बने स्मारकों की देखरेख में गड़बड़ी का मामला बताया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा महासचिव के बीच मुलाकात की खबरों ने प्रदेश का राजनीतिक पारा हाई कर दिया। यूपी चुनाव के समय सतीश चंद्र मिश्रा प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और भाजपा के खिलाफ काफी आक्रामक रहे थे। मुलाकात की खबरों के सामने आते ही इसके कारणों की पड़ताल शुरू हो गई। इसके बाद जो वजह सामने आई, उसने माहौल को बदला। स्मारकों की देखरेख में गड़बड़ी से संबंधित रिपोर्ट के जरिए बसपा के दोनों नेताओं ने सीएम से इस दिशा में कार्रवाई की मांग की है।

स्मारकों की देखरेख का बसपा ने कराया है सर्वे
प्रदेश में बसपा शासनकाल के दौरान कई स्मारकों का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2007 से 2012 के बीच कराए गए इन निर्माणों पर पिछले 10 साल में अधिक ध्यान नहीं दिया गया। इस संबंध में बसपा की ओर से एक सर्वे कराया गया। इसमें पाया गया कि स्मारकों की देखरेख में हीलाहवाली चल रही है। अधिकारियों के स्तर पर भी इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हो रही है। बसपा महासचिव और विधायक ने इस मामले में विशेष रूप से सीएम योगी आदित्यनाथ से कार्रवाई की मांग की, ताकि स्मारकों को सुरक्षित और संरक्षित रखा जा सके।

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By editor1

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