दिल्ली में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण, दिल्ली में पिछले दो दिनों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं। जहां दो दिन पहले तक प्रतिदिन आने वाले मामले डेढ़ सौ के करीब या बने हुए थे, वहीं बुधवार को 299 और बृहस्पतिवार को 325 नए मामले सामने आए, जो चिंता पैदा करता है। राजधानी दिल्ली में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या भी बढ़कर 900 के पार पहुंच गई है। हालांकि, यह अवश्य राहत की बात है कि अधिकतर मरीजों में संक्रमण गंभीर नहीं है और 16 मरीजों को छोड़कर अन्य घरों पर रहकर ही अपना इलाज करा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) भी सक्रिय हुए हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जहां स्कूलों के लिए कोरोना से बचाव संबंधी दिशानिर्देश नए सिरे से जारी करने की बात कही है, वहीं डीडीएमए भी 20 अप्रैल को बैठक कर स्थिति का आकलन करेगा। मौजूदा हालात में यदि संक्रमण बढ़ रहा है तो चूंकि कोरोना से बचाव के उपायों के मामले में सभी बेफिक्र नजर आ रहे हैं, इसलिए मामले तेजी से बढ़ सकते हैं। हालांकि, दिल्ली में अधिकतर लोगों को कोरोना के दोनों टीके लग चुके हैं, बल्कि सतर्कता डोज लेने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। ऐसे में कोरोना संक्रमण के गंभीर होने की आशंका नहीं है, लेकिन यह समझदारी होगी कि संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं। ये प्रयास दिल्लीवासियों को अपने स्तर पर करने होंगे, जहां तक संभव हो शारीरिक दूरी का पालन कर और भीड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाने से कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकेगा। यदि दिल्लीवासी पूरी गंभीरता के साथ ये उपाय अपनाएंगे तो सरकार और डीडीएमए की ओर से किसी तरह के प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना कम से कम रहेगी। कोरोना के गंभीर संक्रमण के कारण दिल्ली जिस तरह के प्रतिबंध झेल चुकी है, अब वैसे प्रतिबंध और उनके कारण अर्थव्यवस्था को नुकसान कोई नहीं चाहता, लिहाजा लोगों को बचाव के इन उपायों को अपनाना चाहिए, ताकि दिल्ली को एक बार फिर संक्रमण की चपेट में आने से रोका जा सके।

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By editor1

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