देश संविधान से चलेगा या...

देश संविधान से चलेगा या… रामनवमी के दौरान दिल्ली समेत देश के अलग-अलग राज्यों में हुई हिंसा को लेकर भाजपा-हिन्दू संगठनाें पर कांग्रेस ने जबरदस्त हमला बोला। वहीं दूसरी ओर भाजपा व हिन्दू संगठनों ने कांग्रेस पर आजादी के बाद से हिन्दुओं को दबाने का आरोप लगाया। सांप्रदायिक हिंसा के विषय पर वाइनाकुलर के स्टूडियो में डिवेट का आयोजन किया गया था। इसमें भाजपा की ओर से गोपाल शर्मा शामिल हुए। गोपाल शर्मा करीब 15 साल तक विश्व हिन्दू परिषद से जुड़े रहे। इनके अलावा गुलाब सिंह जो बजरंग दल की पृष्ठ भूमि से आते हैं, वर्तमान में भाजपा में दायित्व संभाल रहे हैं। दूसरी ओर से दलित चेहरा व दलित चिंतक शहर के नामी अधिवक्ता डा. आईडी गौतम ने मोर्चा संभाला था। जबकि सांप्रदायिक हिंसा के मुददे को लेकर जिला युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सलीम पठान दूसरे सिरे से हमलावर थे। गाेपाल शर्मा व गुलाब सिंह ने जो कुछ भी हिंसा के बाद का घटनाक्रम हुआ उसमें उन्होंने भाजपा शासित सरकार को पुरजोर तरीके से बचाव किया। इतना ही नहीं उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति के आरोप लगाए। इसके इतर डा. आईडी गौतम का सवाल था कि यह देश किस प्रकार से चलाया जाएगा। बाबा साहव डा. अंबेडकर के संविधान से या डंडे के जोर पर, उन्होंने मुल्क के हालात चिंता जनक बताए। साथ ही भाजपा की नीति रीति पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस के सलीम पठान ने वर्तमान सरकार पर मुसलमानों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि मुसलमानों को डराया जा रहा है, लेकिन यह भी कि मुसलमान डरेगा नहीं, उसका इस मुल्क पर दूसरे से ज्यादा हक है। मुसलमानों ने कुर्बानियां दी हैं। गाेपाल शर्मा ने कुछ मुसलमानों की राष्ट्र के प्रति निष्ठा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटनाक्रम इस बात के पुख्ता सबूत दे रहे हैं। गुलाब सिंह की बात का लबोलुआव यही था कि हिन्दुस्तान में रहना होगा तो बंदे मातरम कहना होगा। बहस बेहद दिलचस्प लेकर गरम रही। दोनों ही पक्ष ठोस व अकाट्य बातों व सबूत से मैदान में डटे थे। इस बहस को यूटयूब पर भी देखा जा सकता है।

‍@Back Home

Share

By editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *