देवबंद से बंगलादेशी आतंकी दबोचा, सुरक्षा एजेंसिसयों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार को तडके देवबंद से बंगलादेशी आतंकी को गिरफ्तार किया है। पिछले दिनों यह पाकिस्तान में रहकर आया था और अब यहां देवबंद में फर्जी कागजात के आधार पर ठिकाना बनाए हुए था। इससे पूछताछ की जा रही हे।  इसे यूपी एटीएस ने एक संदिग्ध को दबोचा है। गिरफ्तार किया गया आरोपित बांग्लादेश का बताया जा रहा है जोकि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर देवबंद में रहकर किसी मदरसे में पढ़ाई कर रहा था।इस बाबत पुलिस और एटीएस अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।  देवबंद के दारुल उलूम से गिरफ्तार यह छात्र पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है।  यूपी एटीएस ने तडके नगर में छापामारी की और संदिग्ध बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया। सूत्रों की माने तो पकड़े गए बांग्लादेशी का नाम तलहा है और वह पिछले पांच सालों से देवबंद में फर्जी आईडी बनाकर रह रहा था और किसी मदरसे में तालीम ले रहा था। चर्चा है कि एटीएस ने जिस बांग्लादेशी को गिरफ्तार किया है वह दारुल उलूम का छात्र है। हालांकि दारुल उलूम प्रबंधन संस्था में किसी तरह की कोई छापामार कार्रवाई से इनकार कर रहा है।  दारुल उलूम के कार्यवाहक मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि किसी तरह की कोई गिरफ्तारी संस्था से नहीं हुई है। बहरहाल एटीएस संदिग्ध से पूछताछ में लगी है और सूत्रों की माने तो उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं। हालांकि इस संबंध में स्थानीय पुलिस अधिकारी यह एटीएस के अधिकारी अभी कुछ भी नहीं कह रहे हैं। बांग्लादेश का मूल निवासी छात्र फर्जी कागजात की मदद से दारूल उलूम में प्रवेश लेने में सफल रहा था। देवबंद के दारुल उलूम से गिरफ्तार यह छात्र पाकिस्तान में ट्रेनिंग कर चुका है। तड़के गिरफ्त में आए इस छात्र से और पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि बांग्लादेश का यह छात्र 2014 से सहारनपुर में था और फिर फर्जी दस्तावेजों की मद से दारूल उलूम देवबंद में प्रवेश पा गया। यह यहां पर फर्जी दस्तावेज लगातार पढ़ाई कर रहा था। इसके संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की भनक लगते ही एटीएस की टीम सक्रिय हो गई। इसके पास मिले फर्जी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यह यहां पर 2015 से रह रहा था। इसकी गतिविधियां बीते दो-तीन वर्ष से कुछ संदिग्ध थीं।

Share

By editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published.