हंसती खेलती गृहस्थियों बर्बाद कर चुकी है पाॅलटिक्स

हंसती खेलती गृहस्थियों बर्बाद कर चुकी है पाॅलटिक्स, पॉलटिक्स में कैरियर सभी को रास आए यह जरूरी तो नहीं। वाया पॉलटिक्स कैरियर बनाकर शोहरत की बुलंदियों को छूने की हरसत को कई ने अपनी हंसती खेलती गृहस्थी बर्बाद भी कर ली है। इंडियन पॉलटिक्स की यदि बात की जाए तो ऐसे एक नहीं कई उदाहरण मिल जाएंगे, लेकिन इनमें यदि सबसे चर्चित मामले की बात की जाए तो दाग अमेठी घराने पर लगा है। पॉलटिक्स में कैरियर बनाने के चक्कर में अमेठी की विधायक गरिमा सिंह की हंसती खेलती गृहस्थी खराब हो गयी। नौबत यहां तक आ गयी कि दोनों ने अलग-अलग राहें पकड़ ली। राज घरानों से ताल्लुक रखने वाले ये दोनों एक दूसरे के कट्टर राजनीतिक दुश्मन बन गए। नौबत यहां तक आ गयी कि बाद में संजय सिंह ने अमिता सिंह से शादी कर ली। देखते ही देखते हंसते खेलते परिवार की बगिया उजड़ गयी। इतना ही नहीं संजय की दूसरी बीबी अमिता कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ीं। संजय ने गरिमा के खिलाफ प्रचार भी किया। हालांकि, गरिमा चुनाव तो जीत गईं, मगर संजय सिंह के साथ सुखद गृहस्थी की जंग वह पहले ही हार चुकी थीं।

कुछ मिलता जुलता किस्सा विधायक अदिति सिंह का भी रहा। अदिति सिंह भाजपा का हिस्सा हैंं चुनाव जीतकर विधायक बन चुकी हैं जबकि उनके पति अगद ने पंजाब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। घर भले ही एक हों लेकिन दोनों की पॉलटिकल राहें जुदा हैं।

पॉलटिक्स के चक्कर में जिन राज नेताओं ने अपनी हंसती खेलती गृहस्थी बर्बाद कर ली, उनमें ताजा मामला योगी सरकार में मंत्री रहीं स्वाति सिंह व उनके पति दया शंकर सिंह का है। इनका मामला इसलिए ज्यादा नाजुक बताया जा रहा है कि राहें जुदा होने की वजह विधानसभा के चुनाव का टिकट रहा। इस बार भाजपा ने बजाए स्वाति के उनके पति शंकर सिंह को टिकट थमा दिया। बस फिर क्या था, दोनों क बीच का मनमुटाव इतना बढ़ा की गृहस्थी की राहें जुदा होने की नौबत आ गयी है।

पॉलटिक्स को लेकर केवल नेता ही नहीं बल्कि सुनहरी फिल्मी दुनिया से आने वालोंं में भी वैचारिक मतभेद पैदा किए है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण एंग्री यंग मैन अमिताभ बच्चन जिन्हें सदी के महानायक का तमंगा हासिल है की मिसाल दी जाती है। कांग्रेस पार्टी यहां तक की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के सबसे करीबी दोस्तों में अमिताभ बच्चन की गिनती होती थी, लेकिन उनकी पत्नी जय बच्चन को समाजवादी रंग पसंद आया। समाजवादी पार्टी ने उन्हें राज्य सभा भेजा। हालांकि गनीमत यह रही कि पॉलटिकल मतभेदों का असर बच्चन परिवार की गृहस्थी पर कभी नजर नहीं आया। इसी तर्ज पर बिहारी बाबू यानि शत्रुघन सिन्हा की यदि बात की जाए तो उनकी पत्नी पूनम के बीच भी राजनीति कलह की वजह बनी। शत्रुघन ने भाजपा की राजनीति की है, लेकिन पूनम ने 2019 को सपा ज्वाइन कर ली और लखनऊ लोकसभा से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि, पूनम भाजपा के राजनाथ सिंह से हार गईं। इस तरह राजनीति की वजह से पति-पत्नी के बीच दरार आ गई। @Back To Home

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By editor1

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