होली के खुमार में डूबे हैं सभी

होली के खुमार में डूबे हैं सभी, चारों ओर होली का खुमार है। कान्हा की नगरी वृंदावन हो या फिर राधा रानी का बरसाना अथवा आजादी की अलख जगाने के लिए देश और दुनिया में अपनी अलग ही पहचान रखने वाला दिल्ली एनसीआर का प्रमुख मेरठ शहर, सब ओर होली की मस्ती नजर आती है। इस बार होली का कुछ अलग ही सरूर है। हालांकि इसकी वजह भी अनेक गिनायी जा रही हैं। भाजपाइयों की मानें तो विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत ने होली का रंग कुछ ज्यादा ही चटख कर दिया है। होलिका दहन से पहले पूरे महानगर में जगह-जगह होली पूजन चल रहा है। महिलाएं टोलियां बनाकर परिवारजनों को साथ ले जाकर मोहल्ला पड़ौस में दहन के लिए सजायी गयी होलिका की पूजन कर रही हैं। ऐसा सभी जगह हो रहा है। यह परंपरा भी है। शहर में विभिन्न चौराहों पर आज फाल्गुन माह की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाएगा. वहीं चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि यानि 18 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। होली के खुमार में डूबे हैं सभी, इस बार होली पर गजकेसरी, दामिनी, त्रिशक्ति तीन शुभ योग बन रहे हैं, जो काफी शुभ माने जाते हैं। इस बार दहन का शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में सायं में 6:43 से 9:08 बजे तक होगा। रात्रि 1:09 के बाद भी दहन किया जा सकेगा। महिलाओं के लिए होलिका पूजन का मुहूर्त पूर्वाह्न 11:44 बजे से दोपहर 1:20 बजे तक है। इस बार बृहस्पतिवार को पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र बन रहा है। होली पर कई शुभ योग बन रहे हैं। गजकेसरी योग, दामिनी योग, त्रिशक्ति योग के साथ सूर्य मीन राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में गोचर करेंगे। रात के समय भद्रा की पूंछ का प्रभाव है, परंतु भद्रा पूंछ में भी होलिका दहन किया जा सकता है, इसमें किसी प्रकार का दोष नहीं है।  फाल्गुन की पूर्णिमा पर होने वाले होलिका दहन से आसपास की नकारात्मक शक्तियों का नाश हो जाता है। @Back To Home

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By editor1

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