कश्मीरी पंड़ितों के मुद्दे पर कांग्रेसियों का हमला

कश्मीरी पंड़ितों के मुद्दे पर कांग्रेसियों का हमला, फिल्म कश्मीरी फाइल के प्रदर्शन के बाद कश्मीरी पंड़ितों के पलायन के सवाल पर भाजपा व कांग्रेस में घमासान छिड़ी हुई है। हालांकि अब भाजपाइयों के लिए यह मुद्दा गले की फांस बनता जा रहा है। कांग्रेसियों ने इसको लेकर भाजपाइयों पर बड़ा हमला बोला है। साथ ही कहा है कि बजाए ध्रुवीकरण की राजनीति के भाजपा सरकार कश्मीरी पंडितों के दोबारा से घाटी में पुनर्वास के लिए काम करे। आज केंद्र में भी भाजपा की सरकार है और कश्मीर में भी भाजपा के राज्यपाल काविज हैं। ऐसे में बजाए राजनीति करने के कश्मीरी पंडितों को वहां बसाया जाए। यह काम भाजपा सरकार को ही करना होगा, क्योंकि जब कश्मीरी पंड़ितों को कश्मीर छोड़ना पड़ा था उस वक्त भी भाजपा की वीपी सिंह सरकार का हिस्सा थी।

कश्मीरी पंड़ितों के मुद्दे पर कांग्रेसियों का हमला

 

नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रंजन शर्मा प्रभाकर का कहना है कि कश्मीरी पंड‍़ितों के साथ जो कुछ हुआ उसके लिए भाजपा भी कम गुनाहगार नहीं। तत्कालीन वीपी सिंह सरकार का हिस्सा भाजपा भी थी। भाजपा नेता बताएं कि उन्होंने कश्मीरी पंड़ितों की मदद के लिए क्या किया। इतना ही नहीं कश्मीरी पंड़ितों की मदद को दी जाने वाली राशि में भी भाजपा ने कटौती कर दी।

 

कांग्रेस पिछड़ा वर्ग विभाग के राष्ट्रीय सचिव व उत्तराखंड के प्रभारी सुमित बैंसला ने भाजपा नेताओं के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 1990 के दशक में कश्मीर से अल्पसंख्यकों के पलायन पर सत्तारूढ़ भाजपा को घेरते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों और सिखों पर प्रतिबद्ध तत्कालीन विपक्ष के नेता राजीव गांधी ने तत्कालीन वीपी सिंह सरकार से हस्तक्षेप करने और “अत्याचारों” को रोकने का आग्रह किया था।

कश्मीरी पंड़ितों के मुद्दे पर कांग्रेसियों का हमला

कांग्रेस के पूर्व शहर अध्यक्ष किशन कुमार किशनी का कहना है कि  कश्मीर घाटी से लोगों का पलायन तभी शुरू हुआ जब जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल जगमोहन ने उन्हें, विशेष रूप से कश्मीरी पंडितों और सिखों को यह कहते हुए जाने के लिए कहा कि वह उनकी रक्षा नहीं कर पाएंगे। जगमोहन को भाजपा का खुला समर्थन हासिल था। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंड़ितों के साथ जो कुछ हुआ वह दुख है, लेकिन जिम्मेदार भाजपा भी है।

शहर कांग्रेस के प्रवक्ता अखिल कौशिक ने बयान में कहा है कि “आतंकवादियों और जिहादियों ने सभी पंडितों और सिखों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। वीपी सिंह सरकार तब भाजपा के समर्थन से चल रही थी। भाजपा के नेता बजाए कांग्रेस पर मिथ्या आरोप लगाने के बताए कि उन्होंने वीपी सिंह सरकार में होते हुए कश्मीरी पंड़ितों की हिफाजत के लिए क्या किया।

जिला कांग्रेस के प्रवक्ता हरिकिशन आंबेकर ने कहा कि देश के जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा के इशारे पर यह फिल्म बनायी गयी है। दरअसल इस फिल्म का असली एजेंडा साल 2024 में होने वाले लोकसभा के चुनाव है। भाजपा यह जानती है कि काम के नाम पर उसको वोट नहीं मिलने वाले, इसलिए अभी से ध्रुवीकरण की राजनीति शुरू कर दी गयी है, लेकिन भाजपा के लिए यह दांव उलटा पड़ गया है।  @Back To Home

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By editor1

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