केजरीवाल पर भड़का भाजपा का मीडिया सेल

केजरीवाल पर भड़का भाजपा का मीडिया सेल, कश्मीर फाइल को यू टयूब पर डाल दो फिर टैक्स फ्री करने की जरूरत नहीं रह जाएगी। दिल्ली के सीएम केजरीवाल के इस बयान पर भाजपा के मीडिया सेल प्रमुख ने आपा खो दिया है।  पार्टी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शहरी नक्सल करार दिया है।  केजरीवाल ने कहा था कि फिल्म को टैक्स-फ्री करने के बजाय निर्माता इसे यू-ट्यूब पर अपलोड कर सकते हैं, जिससे यह सभी के लिए मुफ्त हो जाएगी। अमित मालवीय ने ट्वीट किया, “केवल एक अमानवीय, क्रूर व भ्रष्ट दिमाग ही कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार पर हंस सकता है और उसे नकार सकता है। केजरीवाल ने कश्मीर फाइल्स को झूठा करार देकर हिंदू समुदाय के जख्मों को हरा कर दिया है, जो 32 साल से अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रहने को मजबूर हैं।”दिल्ली के सीएम केजरीवाल इससे पहले बॉलीवुड फिल्मों ‘निल बटे सन्नाटा’ और ‘सांड की आंख’ को टैक्स फ्री कर चुके हैं। इसे लेकर भी मालवीय ने उन पर सवाल खड़े किए। भाजपा नेता ने ट्वीट करके कहा, “केजरीवाल ने इन फिल्मों को यूट्यूब पर डालने की सलाह क्यों नहीं दी? दिल्ली में टैक्स फ्री क्यों किया? और इनमें से किन-किन के चरणों में केजरीवाल गिरा होगा? क्योंकि कश्मीर फाइल्स हिंदुओं के नरसंहार की दास्तान दिखा रही है, इसलिए इस अर्बन नक्सल के पेट में दर्द हो रहा है?”

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने द कश्मीर फाइल्स को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता फिल्म द कश्मीर फाइल्स के पोस्टर लगा रहे है। भाजपा ने इस फिल्म का प्रमोशन बंद करना चाहिए, क्योंकि कुछ लोग इस फिल्म के नाम पर करोड़ों काम रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को विवेक अग्निहोत्री के चरणों में शरण लेनी पड़ रही है। इसका मतलब है कि आठ साल में प्रधानमंत्री ने कोई काम नहीं किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि द कश्मीर फाइल्स टैक्स फ्री करने की मांग क्यों हो रही है, इसे यूट्यूब पर अपलोड कर देना चाहिए ताकी सभी लोग इसे आसानी से देख सके। इस बीच उन्होंने भाजपाइयों से सवाल करते हुए कहा कि हिटलर भी कम से कम अपने चमचों को नौकरी देता था। क्या प्रधानमंत्री ने उनके बच्चों को नौकरी, बिजली और दवाई दी? दिल्ली में सिर्फ अरविंद केजरीवाल काम आया। वह दिल्ली के सभी निवासियों के साथ भाजपाइयों को भी सुविधा दे रहे है। केजरीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि सारे भाजपा वाले आप में शामिल हो जाएं। उनसे कोई भी ऐसा-वैसा काम नहीं करवाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पहले भाजपा वाले कृषि कानूनों पर जोर मचाते थे, लेकिन कृषि कानूनों के मामले में केंद्र सरकार के बैकफुट पर आने के बाद वे चुपे हो गए और शराब की दुकानों दारू पर शोर करने लग गए, मगर अब वे शराब पर शोर नहीं करते हैं, क्योंकि कश्मीर फाइल्स आ गई है और उसके पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। भाजपा ने अपने नेताओं का क्या हाल बना दिया। ये इसलिए थोड़े राजनीति में आए थे। घर जाकर अपने बच्चों को क्या जवाब दोगे, जब बच्चे पूछेंगे कि पापा क्या काम करते हो? तो यही बताओ कि पिक्चरों के पोस्टर लगाते है। @Back To Home

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By editor1

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