कहीं दूसरे आजमा खां न बन जाएं याकूब

कहीं दूसरे आजमा खां न बन जाएं याकूब, आजम सरीखा न हो जाए याकूब एंड फैमली का हश्र, सपा सरकार के कदावर नेता व कैबिनेट मंत्री रहे आजम खान सरीखा हश्र अब बसपा नेता व मायावती के करीबी माने जाने वाले मीट कारोबारी हाजी याकूब का होने की आशंका जतायी जा रही है। दरअसल हाजी याकूब कुरैशी का राजनीति रसूख भी इस समय खत्म माना जा रहा है। 2017 में जैसे ही प्रदेश में योगी सरकार बनी तो मीट का अवैध कारोबार पर शिंकजा कसने लगा। अब योगी सरकार 2.0 में याकूब कुरैशी, उसकी पत्नी संजीदा बेगम और दोनों बेटे हाजी इमरान व फिरोज पर जेल जाने की तलवार लटक रही है। चारों ही घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं।मीट कारोबारी याकूब कुरैशी खुद बसपा सरकार में मंत्री रहा है। उसके बाद याकूब कुरैशी ने 2014 का लोकसभा चुनाव मुरादाबाद से लड़ा। मोदी लहर में हार मिली। 2019 का लोकसभा चुनाव में मेरठ लोकसभा सीट पर बहुत कम वोटों के अंतर से हार गया।याकूब की पत्नी संजीदा बेगम मेरठ से महापौर का चुनाव लड़ चुकी हैं। बेटा हाजी इमरान भी मेरठ की सरधना विधानसभा से चुनाव हार चुका है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में याकूब व उसके परिवार से चुनाव लड़ना तो दूर प्रचार तक नहीं किया। डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को याकूब ने 51 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। यह बयान दिया था साल 2006 में। उसके बाद याकूब ने पैसे के दम पर राजनीति भी खूब की। बसपा सरकार में मंत्री रहते याकूब ने मेरठ में एक शोभायात्रा निकलने के समय अपनी कार जबरन वहां से निकालने का प्रयास किया। जहां सिपाही चहन सिंह को थप्पड़ मार दिया था। पूरे प्रदेश में पुलिस याकूब के खिलाफ सड़कों उतर आई। याकूब का बेटा फिरोज उर्फ भूरा कई बार सरेआम फायरिंग कर गुंडई कर चुका है। 2016 में याकूब की बेटी ने मेरठ में एमपीजीएस में शिक्षिका पर हंटर चला दिया था। पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की मेरठ में हापुड़ रोड पर अल फईम मीटेकस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से फैक्ट्री है। यहां से खाड़ी देशों में मीट जाता है। 2012 में प्रदेश में जब सपा की सरकार बनी तो नगर विकास मंत्री आजम खां ने बयान दिया था याकूब के कमेले पर कन्याओं का स्कूल बनाया जाएगा। 2013 में मेरठ में राजनीति का गढ़ माने जाने वाला पशुओं के कमेले को रात रात में आजम खां ने बुलडोजर से गिरवा दिया था। इस कमेले में एक दिन में दस हजार तक पशु काटे जाते थे। उस समय याकूब कुरैशी को एक दिन में 10 लाख रुपये तक की इनकम एक कमेले से होती थी।  हाजी याकूब कुरैशी का एक समय मेरठ से लेकर लखनऊ तक रुतबा बोलता था। 2007 से 12 तक मंत्री रहे याकूब ने एक समय अपने रसूख के बल पर मेरठ के डीएम, आईजी और कमिश्नर का ट्रांसफर करा दिया। यूपी के सबसे बड़े मीट कारोबार में शामिल रहे याकूब के पास आज 800 से एक हजार करोड़ की संपत्ति बताई जाती है। याकूब के मेरठ में बंद पड़े मीट प्लांट में 2.5 लाख किलो मीट पैकेजिंग होता पकड़ा गया। याकूब पर इस समय जेल जाने की तलवार लटक रही है। विवादों से भी याकूब कुरैशी का पुराना नाता रहा है। @Back To Home

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By editor1

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