मेहनत पर डाका उबले कैंट कर्मी, माल रोड स्थित कैंट बोर्ड के गेस्ट हाउस आशियाना के गेट पर पहुंचकर गुरूवार की दोपहर को कैंट बोर्ड के सफाई कर्मचारियों ने जोरदार हंगामा किया। उनके निशाने पर संविदा ठेकेदार और पूर्व सीईओ नागेन्द्र नाथ थे। जानलेवा गर्मी की परवाह न करते हुए बड़ी संख्या में कैंट बोर्ड के संविदा सफाई कर्मचारी आशियाना पहुंचे। उन्होंने आराेप लगाया कि उनकी सेलरी करीब चौदह हजार रुपए है, लेकिन उनको मात्र दस हजार एक सौ छियत्तर रूपए ही दिए जा रह हैं। उनका यह भी आरोप है कि उनके साइन पूरी सेलरी पर कराए जा रहे हैं। इस सारे खेल के पीछे उन्होंने कैंट बोर्ड प्रशासन के पूर्ववर्ती अधिकारियों का हाथ बताते हुए नवागत सीईओ कैंट ज्योति कुमार सिंह से इस अन्याय को खत्म कराए जाने की गुहार लगायी। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच करायी जानी चाहिए कि जब करीब चौहद हजार रुपए सेलरी है तो उनको मात्र दस हजार एक सौ छियत्तर रुपए क्यों दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि डोर टू डोर ठेकेदार से कैंट बोर्ड के कुछ पूर्व के अफसरों की कमिशन खोरी के चलते ही सात सौ संविदा सफाई कर्मचारियों के साथ यह अन्याय चल रहा है। उन्होंने कहा कि नवागत सीईओ से उन्हें इंसाफ व इस अन्याय से मुक्ति की पूरी उम्मीद है। कैंट क्षेत्र में सफाई का काम सात सौ संविदा सफाई कर्मचारियों के कंधे पर है। आरोप है कि नए ठेकेदार को जब कैंट की सफाई आदि का ठेका दिया गया था तो शुरूआत से ही तमाम सफाई कर्मचारियों की सेलरी में कट लगने लगा था। हैरानी ताे इस बात की है कि संविदा सफाई कर्चारियों के साथ ठेकेदार के इस अन्याय की जानकारी कैंट बोर्ड में सभी को होते हुए कोई भी मुंह खोलने को तैयार नही था। पूर्ववर्ती अधिकारियों जिन पर संविदा सफाई कर्मचारी आरोप लगा रहे हैं, उनकी चुप्पी तो समझ में आती है, जैसा की संविदा कर्मियों का आरोप है कि ठेकेदार से उन्हें महीना मिल रहा था लेकिन कैंट बोर्ड कर्मचारी यूनियन के नेता क्यों चुप रहे, सवाल पूछा जा रहा है कि क्या कुछ कर्मचारी नेताओं को भी ठेकेदार से महीना बंधा था। कारण चाहे कुछ भी रहा हो लेकिस संविदा कर्मचारियों के लिए इंसाफ तो बनता है। उम्मीद है कि ज्योति कुमार सिंह के आने के बाद संविदा कर्मचारियों के जीवन भी उजाला होगा।

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By editor1

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