नानी कहां है मेरी मां

नानी कहां है मेरी मां, मुजफ्फरनगर जनपद के खतौली में गंगनहर में हुए हादसे में शिक्षिका गुलबहार की मौत का पता चलते ही यहां जाकिर कॉलोनी में रह रहे परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद परिवार के लोग घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। इस हादसे ने चार साल के बेटे अमन और तीन साल की बेटी अदीबा से मां का आंचल छीन लिया। अमन नानी रुखसाना के साथ ही घटनास्थल पर पहुंचा था।

वहीं नानी की गोद में बैठा अमन पूछता रहा, कहां गई अम्मी। नानी कहां है मेरी मां, नानी उसकी बात का जवाब तक नहीं दे पा रही थी। पति डॉ. बाबर जाकिर कॉलोनी में अपने क्लीनिक और घर पर ताला लगाकर अन्य सदस्यों के साथ गंगनहर पहुंचे। रुखसाना ने बताया कि अमन उनके पास रहता है, जबकि तीन साल की बेटी अदीबा अपनी मां के साथ रह रही थी।

कैली गांव से आए गोताखोर, क्रेन की मदद से निकाला
हादसे के बाद कैली गांव से गोताखोर आरिफ, कय्यूम, हाफिज इमरान और रिजवान को बुलाया गया। चार घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने दोनों को तलाशा। बाद में क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। कार में महिला मृत हालत में मिली।
दो दिन के अवकाश पर थी गुलबहार
कस्तूरबा गांधी विद्यालय की इंचार्ज शिवांगी पंवार ने बताया कि गुलबहार विद्यालय में पिछले करीब पांच वर्ष से तैनात थीं। तीन मार्च को वह दो दिन की छुट्टी लेकर घर गई थी। सोमवार को उन्हें विद्यालय में आना था।
मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई
मूल रूप से कैली गांव के रहने वाले चिकित्सक डॉ. बाबर की पत्नी और शिक्षिका गुलबहार की मौत के मामले में मायके पक्ष ने हत्या की आशंका जताई है।  आरोप है कि गुलबहार को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। ससुराल वालों ने उन्हें हादसे में मौत होने की सूचना दी। शिक्षिका के परिवार वाले ग्राम प्रधान तौहीद के घर पहुंचे और न्याय दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया। वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है।
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By editor1

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