नाटो का रूस से निपटने पर मंथन, नाटो देश ब्रुसेल्स बेजियम में रूस से निपटने पर मंथन कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति भी ब्रुसेल्स में नाटो देशों के सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं. दरअसल नाटो देशाें को डर है कि यूक्रेन के साथ जंग में रूस के राष्ट्रपति पुतिन रसायनिक हथियारों का प्रयोग कर तबाही मचा सकते हैं। यदि यह आशंका सही हुई तो लाखों की संख्या में बेगुनाह विश्व की सबसे बड़ी त्रासदी देखेगा। इस आशंका के चलते ही नाटो संगठनों की गुरूवार को बैठक हो रही हे।

रूस और यूक्रेन के बीच जंग (Russia-Ukraine war) शुरू हुए एक महीना होने जा रहा है और अभी कोई समाधान नहीं निकल सका है. यूरोप में बने तनातनी के माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (US president joe biden) यूरोप की चार दिवसीय यात्रा के लिए कल व्हाइट हाउस से रवाना हो गए और वह अब बेल्जियम पहुंच गए हैं, जहां वह यूक्रेन में रूसी हमले पर चर्चा करने के लिए प्रमुख सहयोगियों के साथ मुलाकात करेंगे. साथ में नाटो (Extraordinary Summit of NATO) की अहम आपात बैठक में भी हिस्सा ले रहे हैं.  ब्रुसेल्स पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ने ट्विटर पर बाइडेन के हवाले से कहा, ‘ब्रुसेल्स में गर्मजोशी से स्वागत करने वाले प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी कोरो को धन्यवाद. मैं इस सप्ताह अपने सभी सहयोगियों और भागीदारों के साथ मिलकर काम करना चाहता हूं क्योंकि हम यूक्रेन में पुतिन की पसंद के युद्ध का जवाब देना जारी रखेंगे.’

इससे पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन ने बुधवार को अमेरिका से रवाना होने के बाद संवाददाताओं से कहा कि रूस द्वारा यूक्रेन युद्ध में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर सकने की आशंका एक ‘‘वास्तविक खतरा’’ है. उन्होंने कहा कि वह इस विषय पर नेताओं से बातचीत करेंगे. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि यूक्रेन में रूस रासायनिक या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है. बाइडेन का पहला पड़ाव ब्रसेल्स है, जहां वह उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के आपात शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. वह यूरोपीय संघ और जी7 समूह की बैठकों में भी भाग लेंगे.

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By editor1

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