निगम में सीबीसीआईडी अफसर करते रहे इंतजार

निगम में सीबीसीआईडी अफसर करते रहे इंतजार, नगर निगम मेरठ के सालों पुराने भर्ती घोटाले की जांच को आगरा से पहुंचे सीबीसीईडी अफसर भर्ती घोटाले के आरोपी बताए जा रहे कर्मचारियों का घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी कर्मचारी जांच में सहयोग करते हुए बयान दर्ज कराने को उनके पास नहीं पहुंचा। आरटीआई एक्टिविस्ट बीके गुप्ता की शिकायत पर पीएमओ ने सीबीसीआईडी आगरा को भर्ती घोटाले में जांच के निर्देश दिए हैं। उसी के चलते सीबीसीआईडी अफसर यहां जांच को पहुंचे थे। मामले की शिकायत करने वाले बीके गुप्ता ने बताया कि होशियार सिंह नाम के सीबीसीआईडी अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे थे, उन्हें तमाम साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं। करीब 23 ऐसे कर्मचारी हैं जिन्हें निगम के पूर्ववर्ती अफसरों ने तमाम कायदे कानून ताक पर रखकर नियमित कर दिया। हैरानी तो इस बात की है इस मामले की जांच सालों से चली आ रही है। लेकिन आज तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकी है। जांच शुरू होने के बाद से एक कर्मचारी का निधन भी हो चुका है। उनके निधन के बाद मृतक आश्रित कोटे मे उनके परिवार की महिला सदस्य को नियुक्त कर दिया गया। आरोप है कि इस प्रकार की तमाम नियुक्तियां अधिकारियों से पूर्व की स्थिति छिपा कर व गुमराह कर करायी जा रही हैं। ऐसे ही एक कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने की बात सुनने में आयी है। इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हास्याप्रद बात तो यह है कि पूर्व के कुछ नगरायुक्त भी मान चुके हैं कि इन भर्तियों में घाेटाला हुआ है। इतना ही नहीं उन्होंने शासन से भर्ती निरस्त किए जाने का आग्रह करते हुए पत्र भी लिखे थे। लेकिन जो लोग इस भर्ती में लाभान्वित हुए हैं उनके नेटवर्क के आगे शासन की तमामल जांचें अब तक तो दम तोड़ती रही हैं। @Back To Home

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By editor1

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