परीक्षा केंद्रों पर लगेंगे सीसीटीवी, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय और कालेजों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा चल रही हैं। बीए, बीएससी, बीकाम प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में नकल पर नकेल कसने के लिए हर तरह कोशिश की जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों को क्लोज सर्किट कैमरा यानी सीसीटीवी लगाने को कहा है, लेकिन अभी भी राजकीय और अनुदानित कालेज कैमरे से दूर हैं। कुछ कालेजों ने ही कैमरे लगाए हैं। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय का सचल दस्ता उन कालेजों में खास नजर रखे हुए है, जहां पर कैमरे नहीं लगे हैं। विश्वविद्यालय में बने कंट्रोल रूम से परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही है। वहीं, केंद्रीय सतर्कता दल की टीम भी औचक छापेमारी कर रही है। अभी तक की रिपोर्ट के अनुसार सेल्फ फाइनेंस कालेजों की तुलना में अनुदानित कालेजों में नकल के मामले अधिक पकड़े गए हैं। सेल्फ फाइनेंस कालेजों में अभी कम नकल के मामले आए हैं। सीसीएसयू में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रथम सेमेस्टर में परीक्षा चल रही है। इसमें छात्रों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रश्नपत्र आ रहे हैं, लेकिन पेपर सेटर की गड़बड़ी से कुछ प्रश्नपत्र केवल अंग्रेजी में छपकर आए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन प्रश्नपत्र का बंडल खुलने से पहले उसके विषय में नहीं जान पा रहा है। इसकी वजह से परीक्षार्थियों के सामने चुनौती आ रही है। अभी एक प्रश्नपत्र केमिस्ट्री में इस तरह की गड़बड़ी मिली थी, जिसमें प्रश्नपत्र केवल अंग्रेजी वर्जन में पूछा गया था। इससे बहुत से परीक्षार्थी परेशान हुए। कई परीक्षा केंद्रों में प्रश्नपत्र को अनुवाद करके बताया गया। विवि की ओर से इस प्रश्नपत्र की परीक्षा दोबारा से कराई जा सकती है। हालांकि अभी इस पर निर्णय नहीं हुआ है। विवि अब अपने अगले प्रश्नपत्र को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि यह प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले नहीं खोला जा सकता है। परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र खुलने के बाद ही पता चल रहा है कि प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी में आया है। या फिर केवल एक भाषा में आया है।

Share

By editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published.