राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य वर्कशॉप, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में कार्यरत चिकित्सकों के संवेदीकरण के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य आर.सी. गुप्ता ने की। डा. आरसी गुप्ता ने इसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और जानकारी दी कि यह क्यों जरूरी है व कितना महत्वपूर्ण है। मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डा. वीडी पांडेय व  मीडिया सहप्रभारी डॉ विदित दीक्षित ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) बच्चों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए अपनी तरह का एक अनूठा कार्यक्रम है, जिससे सभी बच्चे अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सकें; और समुदाय के सभी बच्चों को व्यापक देखभाल भी प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम में 4 डी के लिए जन्म से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों की जांच शामिल है- जन्म के समय दोष, रोग, कमियां और विकास में देरी, 32 सामान्य स्वास्थ्य स्थितियों का शीघ्र पता लगाने और तृतीयक स्तर पर सर्जरी सहित मुफ्त उपचार और प्रबंधन। चयनित चयनित स्वास्थ्य स्थितियों के निदान वाले बच्चों को जिला स्तर पर प्रारंभिक हस्तक्षेप सेवाएं और अनुवर्ती देखभाल प्रदान की जाती है। ये सेवाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं, इस प्रकार उनके परिवारों को इलाज पर होने वाले खर्च को कम करने में मदद मिलती है। कार्यशाला का उद्देश्य हृदय रोग से ग्रसित बच्चों के पहचान एवं मेडिकल कॉलेज में उपस्थित स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी देना था। बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मुनेश तोमर ने बाल हृदय रोग संबंधी सभी प्रकार की जानकारियां प्रतिभागियों के साथ साझा की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग मेरठ अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला प्रभारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉक्टर पूजा शर्मा, प्राचार्य डॉ आरसी गुप्ता,डॉ विजय जायसवाल, विभागाध्यक्ष बाल रोग विभाग, डॉ मुनेश तोमर बाल हृदय रोग विशेषज्ञा, डॉ रजत कालरा हृदय शल्य चिकित्सक, डॉ विकास अग्रवाल बाल रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर अनुपमा वर्मा प्रभारी आरबीएसके मेडिकल कॉलेज आदि उपस्थित रहे।

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By editor1

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