श्रीजी की भव्य शोभायात्रा

श्रीजी की भव्य शोभायात्रा, असोडा हाउस जैन मंदिर से शोभायात्रा, श्री शान्तिनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मन्दिर असौड़ा हाऊस में प्रातः 6ः45 पर श्री जी का अभिषेक एवं शान्ति धारा हुई। श्री 1008 शान्तिनाथ दिगम्बर जैन पंचायती मन्दिर असोडा हाउस एवम् महावीर जिनालय पश्चिमी कचहरी मार्ग द्वारा संयुक्त रूप से शोभा यात्रा प्रातः 8:00 बजे प्रारम्भ हुई जिसमे सभी पात्रों का चयन बोलियों से किया गया । जिसमें घोेड़े के स्वर्ण रथ पर शांतिनाथ भगवान के ख्वासी बनने का एवं श्री जी को लेकर स्वर्ण रथ पर बैठने का सौभाग्य एम एस जैन परिवार को प्राप्त हुआ, सारथी का सोभाग्य सचिन जैन को मिला, कुबेर का सौभाग्य संजय जैन सलावा वालों को मिला, ईशान इन्द्र एवम् सनत इन्द्र का सौैभाग्य शान्तिनाथ युवा संघ के रचित, शोर्य, सक्षम, हर्षित, आर्जव, सम्वेग, शाशवत, सार्थक का रहा । मिला, एवं प्रमुख आरती का सौभाग्य वीर नारी युविका संघ की सौम्या, मान्या, आर्जवी, अन्नया, संस्कृती, सम्पदा एवं शिल्पी आदि का रहा । लकी जैन ने कुबेर बन, नृत्य कर कुबेर का कलशा भरा। यह यात्रा पश्चिमी कचहरी मार्ग सेे होते हुए नेहरू रोड ईस्टर्न कचहरी रोड होते हुए शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर साकेत पाण्डुक शिला पहुंची। साकेत समाज के अध्यक्ष दिनेश जैन एवं संयोजक विशाल जैन ने सभी समाज के लोगों का धन्यवाद किया एवं भोजन प्रसाद की व्यवस्था आनंद  द्वारा कराई गई, जिसके बाद यात्रा वापस असौड़ा हाउस मन्दिर जी पर आई एवं अभिषेक कर प्रतिमा जी को विराजमान कराया गया। महावीर जयंती के शुभ अवसर पर सोनिया जैन ने बताया कि हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन महावीर जयंती मनाई जाती है।  भगवान महावीर जैन धर्म के 24वे तीर्थंकर थे।  महावीर चालीसा का पाठ होता है और तमाम धार्मिक आयोजन होते हैं. कई जगहों पर शोभायात्रा भी निकाली जाती है. अहिंसा परमो धर्म का संदेश देने वाले भगवान महावीर ने 30 साल की उम्र में सभी सांसारिक सुखों को त्यागकर 12 वर्षों का कठोर तप किया था और इसके बाद उन्हें ज्ञान प्राप्ति हुई थी। रथ यात्रा मे मुख्य सहयोेग राकेश जैन, श्रीयांस, पूनम, विपिन, सुुभाष, रमेश, योगेश, विपुल, अतुल, आभा, शोभा, पूनम, सोनिया, शशि, मनीषा, नीना, सविता, मनोज, अनिल, शुसील, आदि ।

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By editor1

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