टीबी से प्रतिदिन चार हजार मौत

टीबी से प्रतिदिन चार हजार मौत, World Tuberculosis Day 2022: भारत में टीबी कोरोना से ज्यादा जानलेवा साबित हुई है। इतनी मौत कोरोना से नहीं हैं जितनी टीबी से होती हैं। हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है. इस दिन विशेष तौर पर कई सारे अभियान चलाए जाते हैं. कई सारे कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, ताकि लोगों को इस बीमारी के बारे में अधिक से अधिक जानकारी मिल सके. बता दें, टीबी बेहद ही खतरनाक बीमारी है. इस बीमारी से पूरी दुनिया में करीब 4000 से ज्यादा लोगों की मौत एक दिन में होती है. हर साल आज के दिन एक थीम रखी जाती है. ऐसे में इसबार वर्ल्ड टीबी डे की थीम ‘Invest to End TB. Save Lives’ रखी गई है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक टीबी एक खतरनाक बीमारी है. ऐसे में दुनिया में साल 2030 तक इस जानलेवा बीमारी को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेकने का लक्ष्य निर्धारित किया है. हर साल आज के दिन एक थीम रखी जाती है. ऐसे में इसबार वर्ल्ड टीबी डे की थीम ‘Invest to End TB. Save Lives’ रखी गई है. आपको बता दें, अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार सबसे पहले 24 मार्च 1882 को डॉक्टर रॉबर्ट कोच ने टीबी रोग के लिए जिम्मेदार माइक्रोबैक्टीरियल ट्यूबकुलोसिस  (Mycobacterium tuberculosis) बैक्टीरिया की खोज की थी. इस दिन को मनाने की मुख्य वजह है दुनियाभर में लोगों को इस सांस की बीमारी के बारे में जागरूक करना. ब्ल्यूएचओ के मुताबिक टीबी एक खतरनाक बीमारी है. ऐसे में दुनिया में साल 2030 तक इस जानलेवा बीमारी को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेकने का लक्ष्य निर्धारित किया है. वहीं,भारत में तो साल 2025 तक इस लक्ष्य पर जीत दर्ज करने की ठान रखी है. @Back To Home

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By editor1

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