तेंदुए की मौत से हड‍़कंप

तेंदुए की मौत से हड‍़कंप, मेरठ के पल्लवपुरम से तेंदुए की मौत उसे सहारनपुर खींच लाई। 5 मार्च को मेरठ में तेंदुआ सड़कों पर दौड़ता रहा और लोग उससे जान बचाने के लिए भागते रहे। वन विभाग के 190 कर्मचारियों ने 9 घंटों की मशक्कत के बाद तेंदुए को पकड़कर सहारनपुर की शिवालिक के मोहंड में छोड़ दिया था। मंगलवार की तडके शिवालिक वन प्रभाग की मोहंड रेज के गांव मुसैल के जंगल में करंट लगने से तेंदुए की मौत हो गई है। उसकी उम्र तीन साल बताई जा रही है। इसमें मेरठ वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।

भूख तेंदुआ से इधर-उधर भटक रहा था

बह खेतों की तरफ गए किसानों ने मृत तेंदुए को देखकर वनकर्मियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद DFO शिवालिक और वन क्षेत्राधिकारी मोहंड टीम सहित मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच पड़ताल की। तेंदुए की मौत से हड‍़कंप, तेंदुआ के शव को रेंज कार्यालय लाकर चिकित्सकों के पैनल से उसका पोस्टमॉर्टम करा अंतिम संस्कार किया।

चिकित्साधिकारी डॉ.अशोक कुमार गिल का कहना है कि तेंदुए की उम्र करीब 3 साल रही होगी। वह मादा थी। उसके पैर और कान के पास तार के छूने से जलने के निशान पाए गए हैं। उनका कहना है कि तेंदुआ किसी शिकार को देखकर कूदा होगा और तार की चपेट में आ गया।

मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी
DFO
 शिवालिक श्वेता सेन, वन क्षेत्राधिकारी मोहंड एमके बलोदी, डिप्टी रेंजर राहुल त्यागी स्टाफ के साथ पहुंचे। वनकर्मियों के अनुसार, माना जा रहा है कि पेड़ से छलांग लगाते वक्त वह तार से टकरा गया होगा। करंट लगने से उसकी मौत हुई है। पास ही तार भी टूटा हुआ पड़ा था। तार के नीचे की जमीन की घास भी जली हुई थी।
वनकर्मी तेंदुए के शव को अपने साथ मोहंड रेंज स्थित कार्यालय ले गए। वहां गेस्ट हाउस परिसर में तीन पशु चिकित्सकों के पैनल ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद उसके शव का अफसरों की देखरेख में अंतिम संस्कार कर दिया गया।​​​​​​​ DFO शिवालिक श्वेता सेन का कहना है कि यह तेंदुआ मेरठ वाला है या नहीं इसके बारे में कहा नहीं जा सकता है। इसके बारे में मेरठ के वन विभाग से संपर्क किया जाएगा कि जो उन्होंने तेंदुआ छोड़ा था, वह नर था या मादा। @Back To Home

Share

By editor1

Leave a Reply

Your email address will not be published.