विजयी जुलूस को प्रशासन की ना

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विधानसभा चुनाव में मतगणना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रत्याशियों के विजय जुलूस पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही मतगणना स्थल पर लाइसेंसी असलाह लेकर आने पर भी रोक रहेगी। हर्ष फायरिंग करने वालों पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज होगा। साथ ही लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई भी की जाएगी।

इन्‍हें दी गई जिम्‍मेदारी

दस मार्च को हापुड़ रोड स्थित मंडी समिति और कृषि विवि में मतगणना स्थल बनाए गए हैं। दोनों मतगणना स्थल को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांट दिया है। प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी सीओ और एक प्रशासनिक अफसर तथा जोन में एएसपी को लगाया गया। चार कंपनी पैरा मिलिट्री फोर्स और तीन कंपनी पीएसी के जवान भी तैनात रहेंगे। अगर कोई प्रत्याशी विजय जुलूस निकालेगा तो उनके और समर्थकों पर भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हर्ष फायरिंग की तो लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी। मतगणना के पांच मीटर दायरे में एजेंट और ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। उनके लिए ही पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्याशियों को पुलिस सुरक्षा में उनके घर तक पहुंचाया जाएगा। शहर और देहात के सभी संवेदनशील प्वाइंट पर भी पुलिस बल लगा दिया है।

बाइक स्टंट और हर्ष फायरिंग पर रोक

जीत के बाद बाइक स्टंट एवं हर्ष फायरिंग नहीं करने दी जाएगी। पुलिस की चार टीमें इसके लिए भी गठित की गई हैं , जो शहर की सड़कों पर स्टंट करने वालों पर कार्रवाई करेंगी। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि प्रत्याशियों के समर्थक जीत या हार को लेकर अशांति न फैलाएं। मतगणना स्थल के बाहर भी हुड़दंग मचाने वालों का वीडियो बनाया जाएगा। प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ को मतगणना केंद्रों से 200 से 500 मीटर तक दूर रखा जाएगा। इसके लिए दोनों मतगणना स्थलों पर बेरिकेडिंग का काम शुरू कर दिया गया है। मतगणना स्थल के भीतर केवल पास धारक ही प्रवेश कर सकेंगे। आम जनता अपने घर रहकर ही मीडिया माध्यमों से तथा चुनाव आयोग की वेबसाइट से पल-पल का चुनाव परिणाम जान सकेगी। प्रत्येक चरण का परिणाम तत्काल वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

यवस्‍था की जानकारी दी

जिलाधिकारी के. बालाजी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन अधिकारियों और अन्य प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक में मतगणना स्थलों की इस व्यवस्था की जानकारी दी। विजयी जुलूस को प्रशासन की ना, उन्होंने कहा कि प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ को मतगणना स्थलों से काफी दूर रखा जाएगा। ताकि मतगणना में कोई व्यवधान न हो। मतगणना स्थल के भीतर प्रत्येक प्रत्याशी के केवल 14 मतगणना अभिकर्ता, 3 अभिकर्ता पोस्टल बैलेट के लिए, एक मुख्य अभिकर्ता और प्रत्याशी ही पास के माध्यम से प्रवेश कर सकेंगे। प्रत्येक प्रत्याशी के लिए दो अन्य लोगों की अनुमति दी गई है जो कि अंदर मौजूद अभिकर्ताओं को खाना पहुंचाने का काम करेंगे। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। भीतर की सुरक्षा सीआरपीएफ तथा बाहर की सुरक्षा स्थानीय पुलिस के कंधे पर होगी।

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By editor1

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