विश्वविद्यालय में अंबेडकर पर प्रतियोगिता,  विधि अध्ययन संस्थान, चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार 13 अप्रैल को देश को भारतीय संविधान का उपहार देने वाले डा0 भीम राव अम्बेडकर बाबा साहेब के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर भारत के निर्माण मे बाबा साहब का योगदान विषय पर एक निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबंध प्रतियोगिता का उद्घाटन संस्थान के समन्वयक डा0 विवेक कुमार ने किया। कार्यक्रम के संयोजक डा0 कुसुमा वती व श्रीमति सुदेशना ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को नियमों से अवगत कराते हुये कार्यक्रम का संचालन किया। प्रतियोगिता प्रारम्भ होने से पहले विधि अध्ययन संस्थान के समन्वयक डा0 विवेक कुमार जी ने डा0 भीम राव अम्बेडकर के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि हर साल 14 अप्रैल को भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई जाती है इस दिन को भारत में समानता दिवस और ज्ञान दिवस के रूप में जाना जाता है। अम्बेडकर जयंती को जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों से लड़ने में न्यायविद के समर्पण को याद करने के लिए भी मनाया जाता है। वे भारत के पहले कानून मंत्री थे उन्होंने जाति व्यवस्था का कड़ा विरोध किया और इसे समाज से मिटाने का प्रयास किया। आजादी के बाद भारत के संविधान के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान दिया। जीवन के हर पड़ाव पर संघर्षों को पार करते हुए उनकी सफलता हर किसी के लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम मे डा0 विकास कुमार, श्रीमती अपेक्षा चौधरी, श्रीमती मोनीका, डा0 धनपाल, डा0 सुशील कुमार शर्मा, डा0 महिपाल जी आदि उपस्थिति रहे। निबन्ध प्रतियोगिता मंे मानसी गुप्ता, भारती पवार, दीपा रानी, मेघा, ख्याति, अदिति, ज्योति, प्रेरणा, जानवी, लक्ष्य, आयुशी, कुमकुम, निकीता, आरती, तान्या आदि एलएल-एम0 व बी0ए0एलएल-बी0 के कुल 38 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया।

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By editor1

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