व्यापारियों ने भेजा योगी को ज्ञापन, खाद सुरक्षा एवं मानक अधिनियम मैं व्यापारियों की कठिनाइयों के निराकरण हेतु उद्योग व्यापार प्रतिनिध मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में व्यापारियों ने एक ज्ञापन सीएम योगी को भेजा है। यह ज्ञापन विभाग की अभीहित अधिकारी की मार्फत भेजा गया है। लोकेश अग्रवाल ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑनलाइन खाद्य पदार्थ सप्लाई किये जाने वालें सामान की क्वालिटी की जांच बाजारो से दुकानदारों के भरे जा रहे सेम्पलिंग के समान के अनुपात में ही की जाए।  फूड सप्लाई करने वाले डिलीवरी मैन के लिए फूड लाइसेंस अनिवार्यता की जाए। लाइसेंस रिनुअल में विलंब शुल्क लाइसेंस की तारीख समाप्त होने से 1 माह पूर्व लगाया जा रहा है। अंतिम तिथि समाप्त होने के उपरांत ही लगाया जाए।पैकिंग के सामान का सैंपल फेल होने पर रिटेलर को भी अपराधी मानकर मुकदमा चलाया जाता है जबकि पैकिंग के सामान में रिटेलर किसी तरह की कोई मिलावट नहीं कर सकता इसलिए रिटेल के व्यापारी को बिल दिखाने पर मुकदमे में अपराधी के स्थान पर गवाह बनाया जाए सजा व जुर्माना पैकिंग करने वाले पर ही लगाया जाए।  फूड एक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए  पोर्टल पर फूड एक्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए प्रत्येक जिले में एक रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी बनाई जाए।  ट्रेनिंग के नाम पर 500 से ₹900 वसूल किए जा रहे हैं छोटा व्यापारी इस अनावश्यक बोझ को नहीं बर्दाश्त कर पा रहा है यदि ट्रेनिंग प्रोग्राम आवश्यक है तो सरकार की तरफ से निशुल्क ट्रेनिंग कैंप लगाया जाए।  एक ही विषय पर दो विभागों से जांच सजा व जुर्माना उचित नहीं। खाद सुरक्षा और मानक अधिनियम के सभी मामलों को अदालतों में भेजा जा रहा है एक्ट में दी गई व्यवस्था के अनुसार अधिकांश मामलों को शमन शुल्क जमा करा कर समाप्त किया जा सकता है] अनावश्यक मुकदमें  से बचने के लिए शमन शुल्क जमा कर मुकदमा समाप्त df;k tkdf;k  करने की व्यवस्था की गई है शमन शुल्क व्यवस्था लागू करने से सरकार पर भी अनावश्यक मुकदमों समाप्त किए जाएं।

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By editor1

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